नौसेना ने स्कॉर्पीन क्लास की चौथी सबमरीन आईएनएस वेला लॉन्च की, बाकी 2 भी जल्द आएंगी
मुंबई. भारतीय नौसेना ने सोमवार को मजगांव डॉक लिमिटेड (एमडीएल) में चौथी स्कॉर्पीन क्लास सबमरीन वेला लॉन्च की। प्रोजेक्ट-75 के तहत भारत छह सबमरीन तैयार करने पर काम कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बाकी दो सबमरीन आईएनएस वागीर और आईएनएस वागशीर पर काम एडवांस स्टेज में पहुंच चुका है। इन्हें भी जल्द लॉन्च किया जा सकता है।
मुंबई स्थित मझगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड और फ्रांस की कंपनी नेवल ग्रुप (डीसीएनएस) के सहयोग से स्कॉर्पीन क्लास सबमरीन के प्रॉजेक्ट पर काम चल रहा है। दोनों कंपनियों के बीच 6 सबमरीन तैयार करने लिए 2005 में करार हुआ था। इसके तहत सभी सबमरीन मुंबई में ही तैयार की जा रही हैं।
सबमरीन की खासियत
इन 6 सबमरीन के शामिल होने से नौसेना की ताकत काफी बढ़ जाएगी। यह सभी स्कॉर्पीन सबमरीन एंटी-सरफेस वॉरफेयर, एंटी-सबमरीन वॉरफेयर, खुफिया जानकारी जुटाना, माइन बिछाने और एरिया सर्विलांस आदि का काम कर सकती हैं।
पहली सबमरीन पिछले साल दिसंबर में मिली थी
प्रॉजेक्ट-75 के तहत नौसेना को पहली सबमरीन पिछले साल दिसंबर में मिली थी। स्कॉर्पिन सीरीज की पहली पनडुब्बी का नाम आईएनएस कलवरी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईएनएस खंडेरी (जनवरी 2017) और आईएनएस करंज (31 जनवरी 2018) पहले ही भारतीय नौसेना में शामिल हो चुकी हैं। यह दोनों एडवांस स्टेज की सबमरीन हैं, इनसे नौसेना की ताकत में इजाफा हुआ।
मोदी ने यह भी कहा, ‘‘लोगों से घर खाली करने के लिए कहा जाता है तो वे ऐसा नहीं करते। इस बार ओडिशा के लोगों ने और मछुआरों ने बेहतरीन काम किया। वरना पता नहीं क्या होता। नुकसान का जायजा लेने केंद्र से एक टीम भी यहां आएगी। 1999 में एक सुपर साइक्लोन ओडिशा से टकराया था। तब करीब 10 हजार लोग इस आपदा का शिकार हुए थे। इस बार क्षति इसलिए कम हुई, क्योंकि राज्य और केंद्र सरकार को काफी पहले तूफान की जानकारी मिल चुकी थी।’’
12 लाख लोगों को बचाया गया
किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने की पूरी तैयारी युद्धस्तर पर की गई थी। इस बार 12 लाख लोगों को बचाया गया। 26 लाख लोगों को मैसेज कर तमाम जानकारियां दी गईं। इसके अलावा 45 हजार कर्मचारियों और वॉलंटियर्स को हालात से निपटने के लिए तैनात किया गया था।
यूएन ने कहा- सरकार और मौसम विभाग ने अच्छा काम किया
संयुक्त राष्ट्र के डिजास्टर रिस्क रिडक्शन विभाग ने भारत सरकार की तारीफ की। यूएन ने कहा- सरकार की जीरो केजुअल्टी पॉलिसी और मौसम विभाग के वॉर्निंग सिस्टम से मिली सटीक चेतावनियों के चलते नुकसान को काफी कम कर दिया गया। जान-माल के नुकसान के लिहाज से देखा जाए तो उन लोगों ने अच्छा काम किया। सटीक चेतावनियों के चलते वक्त रहते 10 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया।
कोलंबो. सरकार ने लोगों से तलवार, धारदार हथियार और सेना की वर्दी को सौंपने के लिए 48 घंटे का समय और बढ़ा दिया है। हथियारों को सौंपने का समय सोमवार आधी रात को समाप्त होने वाली थी। ईस्टर हमले के बाद मस्जिदों और घरों में पुलिस की छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में तलवार और धारदार हथियार मिले थे। इसके बाद पुलिस ने यह कदम उठाया है। पुलिस मीडिया के प्रवक्ता एसपी रुवन गुणशेखर ने कहा कि पुलिस मुख्यालय ने देशभर के थानों को इस मामले में आवश्यक कदम उठाए जाने के निर्देश दिए हैं।
मुंबई स्थित मझगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड और फ्रांस की कंपनी नेवल ग्रुप (डीसीएनएस) के सहयोग से स्कॉर्पीन क्लास सबमरीन के प्रॉजेक्ट पर काम चल रहा है। दोनों कंपनियों के बीच 6 सबमरीन तैयार करने लिए 2005 में करार हुआ था। इसके तहत सभी सबमरीन मुंबई में ही तैयार की जा रही हैं।
सबमरीन की खासियत
इन 6 सबमरीन के शामिल होने से नौसेना की ताकत काफी बढ़ जाएगी। यह सभी स्कॉर्पीन सबमरीन एंटी-सरफेस वॉरफेयर, एंटी-सबमरीन वॉरफेयर, खुफिया जानकारी जुटाना, माइन बिछाने और एरिया सर्विलांस आदि का काम कर सकती हैं।
पहली सबमरीन पिछले साल दिसंबर में मिली थी
प्रॉजेक्ट-75 के तहत नौसेना को पहली सबमरीन पिछले साल दिसंबर में मिली थी। स्कॉर्पिन सीरीज की पहली पनडुब्बी का नाम आईएनएस कलवरी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईएनएस खंडेरी (जनवरी 2017) और आईएनएस करंज (31 जनवरी 2018) पहले ही भारतीय नौसेना में शामिल हो चुकी हैं। यह दोनों एडवांस स्टेज की सबमरीन हैं, इनसे नौसेना की ताकत में इजाफा हुआ।
मोदी ने यह भी कहा, ‘‘लोगों से घर खाली करने के लिए कहा जाता है तो वे ऐसा नहीं करते। इस बार ओडिशा के लोगों ने और मछुआरों ने बेहतरीन काम किया। वरना पता नहीं क्या होता। नुकसान का जायजा लेने केंद्र से एक टीम भी यहां आएगी। 1999 में एक सुपर साइक्लोन ओडिशा से टकराया था। तब करीब 10 हजार लोग इस आपदा का शिकार हुए थे। इस बार क्षति इसलिए कम हुई, क्योंकि राज्य और केंद्र सरकार को काफी पहले तूफान की जानकारी मिल चुकी थी।’’
12 लाख लोगों को बचाया गया
किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने की पूरी तैयारी युद्धस्तर पर की गई थी। इस बार 12 लाख लोगों को बचाया गया। 26 लाख लोगों को मैसेज कर तमाम जानकारियां दी गईं। इसके अलावा 45 हजार कर्मचारियों और वॉलंटियर्स को हालात से निपटने के लिए तैनात किया गया था।
यूएन ने कहा- सरकार और मौसम विभाग ने अच्छा काम किया
संयुक्त राष्ट्र के डिजास्टर रिस्क रिडक्शन विभाग ने भारत सरकार की तारीफ की। यूएन ने कहा- सरकार की जीरो केजुअल्टी पॉलिसी और मौसम विभाग के वॉर्निंग सिस्टम से मिली सटीक चेतावनियों के चलते नुकसान को काफी कम कर दिया गया। जान-माल के नुकसान के लिहाज से देखा जाए तो उन लोगों ने अच्छा काम किया। सटीक चेतावनियों के चलते वक्त रहते 10 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया।
कोलंबो. सरकार ने लोगों से तलवार, धारदार हथियार और सेना की वर्दी को सौंपने के लिए 48 घंटे का समय और बढ़ा दिया है। हथियारों को सौंपने का समय सोमवार आधी रात को समाप्त होने वाली थी। ईस्टर हमले के बाद मस्जिदों और घरों में पुलिस की छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में तलवार और धारदार हथियार मिले थे। इसके बाद पुलिस ने यह कदम उठाया है। पुलिस मीडिया के प्रवक्ता एसपी रुवन गुणशेखर ने कहा कि पुलिस मुख्यालय ने देशभर के थानों को इस मामले में आवश्यक कदम उठाए जाने के निर्देश दिए हैं।
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